भोजन से पहले का श्लोक
अन्नपूर्णे सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे।
ज्ञानवैराग्यसिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति॥
- अंग्रेज़ी में
- Annapurne Sadapurne Shankara Prana Vallabhe, Jnana Vairagya Siddhyartham Bhiksham Dehi Cha Parvati
- ऐसे बोलें
- अन्न-पूर्णे · सदा-पूर्णे · शंकर-प्राण-वल्लभे · ज्ञान-वैराग्य · सिद्धि-अर्थम् · भिक्षाम् · देहि · च · पार्वति
- कब जपें
- भोजन से पहले, रसोई में खाना बनाते समय।
- अर्थ
- हे सदा भरपूर रहने वाली माँ अन्नपूर्णा, भगवान शंकर की प्रिय पार्वती — हमें ज्ञान और संतोष पाने के लिए अन्न का प्रसाद दें।
- स्रोत
- अन्नपूर्णा स्तोत्र (आदि शंकराचार्य)




