गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः।
तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
- अंग्रेज़ी में
- Om Bhur Bhuvah Svah, Tat Savitur Varenyam, Bhargo Devasya Dhimahi, Dhiyo Yo Nah Prachodayat
- ऐसे बोलें
- ॐ · भूर्-भुवः · स्वः · तत्-सवितुर्-वरेण्यम् · भर्गो · देवस्य · धीमहि · धियो · यो · नः · प्रचोदयात्
- कब जपें
- सुबह सूर्योदय के समय, संध्या वंदन में।
- अर्थ
- हम उस प्रकाशमय परमात्मा के श्रेष्ठ तेज का ध्यान करते हैं — वह हमारी बुद्धि को सही राह दिखाए।
- स्रोत
- ऋग्वेद 3.62.10