जयकारा
जय जगन्नाथ।
- अंग्रेज़ी में
- Jay Jagannath
- ऐसे बोलें
- जय · जगन्-नाथ
- कब जपें
- सुबह उठते ही, रथ यात्रा पर, अभिवादन में।
- अर्थ
- पूरे जगत के स्वामी भगवान जगन्नाथ की जय।
- स्रोत
- पुरी परंपरा का जयकारा
रोज़ के मंत्र
पुरी के स्वामी — नील चक्र और पतितपावन ध्वज।
यहाँ भगवान जगन्नाथ के वे मंत्र हैं जो घरों में रोज़ जपे जाते हैं। हर मंत्र के साथ आसान उच्चारण, सरल अर्थ और जपने का समय दिया गया है। किसी भी मंत्र पर बटन दबाइए — दिव्यमाला की डिजिटल माला गिनती संभाल लेगी, आप बस मन से नाम लीजिए।
जाप शुरू करेंजयकारा
जय जगन्नाथ।
जगन्नाथ नाम मंत्र
ॐ जगन्नाथाय नमः।
“जय जगन्नाथ” — पूरे जगत के स्वामी भगवान जगन्नाथ की जय। इसे सुबह उठते ही, रथ यात्रा पर, अभिवादन में जपा जाता है।
108 मनकों की माला सबसे प्रचलित है, पर यह ज़रूरी नहीं। समय कम हो तो 11 या 21 बार भी श्रद्धा से जप सकते हैं। दिव्यमाला में 11, 21, 51, 108 या अपनी गिनती चुन सकते हैं।
हाँ। दिव्यमाला आपके फ़ोन को ही माला बना देती है — हर नाम पर एक टैप, और गिनती अपने आप। कोई अकाउंट या इंटरनेट ज़रूरी नहीं (पहली बार खोलने के बाद)।