विट्ठल एवं रुक्मिणी — Vitthal & Rukmini

रोज़ के मंत्र

विट्ठल एवं रुक्मिणी के मंत्र — अर्थ, उच्चारण और कब जपें

पंढरपुर के विठोबा — वारकरी पताका और टाल का कीर्तन।

यहाँ विट्ठल एवं रुक्मिणी के वे मंत्र हैं जो घरों में रोज़ जपे जाते हैं। हर मंत्र के साथ आसान उच्चारण, सरल अर्थ और जपने का समय दिया गया है। किसी भी मंत्र पर बटन दबाइए — दिव्यमाला की डिजिटल माला गिनती संभाल लेगी, आप बस मन से नाम लीजिए।

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विट्ठल एवं रुक्मिणी के 2 रोज़ के मंत्र

वारकरी नाम-जप

राम कृष्ण हरि।

अंग्रेज़ी में
Ram Krishna Hari
ऐसे बोलें
राम · कृष्ण · हरि
कब जपें
दिन भर, अभिवादन में, पंढरपुर वारी में।
अर्थ
राम, कृष्ण और हरि — प्रभु के तीन प्यारे नाम।
स्रोत
वारकरी संप्रदाय (पंढरपुर)
“राम कृष्ण हरि” का जाप शुरू करें

विठ्ठल नाम

जय जय विठ्ठल, जय हरि विठ्ठल।

अंग्रेज़ी में
Jay Jay Vitthal, Jay Hari Vitthal
ऐसे बोलें
जय · जय · विठ्-ठल · जय · हरि · विठ्-ठल
कब जपें
आषाढ़ी एकादशी पर, भजन-कीर्तन में।
अर्थ
भगवान विठ्ठल की जय।
स्रोत
वारकरी भजन परंपरा
“जय जय विठ्ठल, जय हरि विठ्ठल” का जाप शुरू करें

विट्ठल एवं रुक्मिणी का जाप कैसे करें

  1. शांत जगह चुनें। घर का मंदिर हो, कोई शांत कोना हो या यात्रा का पल — बस मन को कुछ क्षण ठहरने दें।
  2. मंत्र चुनें। “राम कृष्ण हरि” सबसे सरल शुरुआत है। अपने घर या गुरु की परंपरा का मंत्र हो, तो वही जपें।
  3. गिनती तय करें। 11, 21, 51 या 108 — जितना समय हो, उतना। संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है श्रद्धा।
  4. हर नाम पर एक टैप। दिव्यमाला में बड़े बटन पर हर बार टैप करें। माला पूरी होते ही घंटी बजेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विट्ठल एवं रुक्मिणी का सबसे सरल मंत्र कौन-सा है?

“राम कृष्ण हरि” — राम, कृष्ण और हरि — प्रभु के तीन प्यारे नाम। इसे दिन भर, अभिवादन में, पंढरपुर वारी में जपा जाता है।

विट्ठल एवं रुक्मिणी का मंत्र कितनी बार जपें?

108 मनकों की माला सबसे प्रचलित है, पर यह ज़रूरी नहीं। समय कम हो तो 11 या 21 बार भी श्रद्धा से जप सकते हैं। दिव्यमाला में 11, 21, 51, 108 या अपनी गिनती चुन सकते हैं।

क्या बिना माला के जाप कर सकते हैं?

हाँ। दिव्यमाला आपके फ़ोन को ही माला बना देती है — हर नाम पर एक टैप, और गिनती अपने आप। कोई अकाउंट या इंटरनेट ज़रूरी नहीं (पहली बार खोलने के बाद)।

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